जनपद के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर मनाया गया अन्नप्राशन दिवस

कासगंज :–


छह माह से ऊपर के बच्चों को मां के दूध के साथ ऊपरी आहार देना जरूरी

 जनपद के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर मंगलवार को अन्नप्राशन दिवस मनाया गया। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) हेमलता सिंह ने इस मौके पर महिलाओं को ऊपरी आहार के बारे में जानकारी दी।

सीडीपीओ ने बताया कि गर्भवस्था से लेकर दो साल तक होने यानि शुरू के 1000 हज़ार दिन बच्चे के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। अन्नप्राशन छह माह की आयु पूरे कर चुके बच्चों का मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चे के छह माह पूर्ण होने के पश्चात माँ के दूध के साथ अर्ध ठोस आहार भी देना चाहिए। सीडीपीओ ने पवसरा आंगनबाड़ी केंद्र पर सोहन व मनीषा को खीर खिलाकर अन्नप्राशन किया। बच्चों  की माँ और महिलाओ को अन्नप्राशन के महत्त्व के बारे में जानकारी दी | छह माह तक बच्चे को केवल माँ का दूध ही देना चाहिए लेकिन छह माह बाद  बच्चे के लिए माँ का दूध पर्याप्त नहीं होता है। इसलिए माँ के दूध के साथ ऊपरी आहार बहुत जरूरी होता है।,जिससे बच्चा स्वस्थ रहे और बीमारियो से बचा रहे। हेमलता सिंह ने कहा - बच्चों में कुपोषण का कारण समय से ऊपरी आहार शुरू नहीं करना है। इसलिए आंगवाड़ी कार्यकर्ता की मदद से आंगनवाड़ी केंद्रों पर अन्नप्राशन के जरिए लोगों को जानकारी दी जा रही है। माँ के दूध के साथ समय से बच्चे को ऊपरी आहार देने से बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास होता है और बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।

 मनीषा की माँ अर्चना ने कहा - आंगनबाड़ी पर जानकारी दी कि छह माह के बाद बच्चे के विकास के लिए  पतली दाल, चावल, मसला हुआ केला, उबला आलू, सूजी देना शुरू करें। खाने की मात्रा को थोड़ा थोड़ा बढ़ाते रहना चाहिए। दिन में कई बार बच्चे को थोड़ा थोड़ा खिलाएं। बच्चे के खाने के बर्तन को अलग रखें व साफ बर्तन में व साफ हाथों से ही खाना खिलाएं।

0/Post a Comment/Comments

Previous Post Next Post