अलीगढ़ :–
-टीबी का इलाज ही सबसे बड़ा निःशुल्क उपाय है : डीटीओ
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला संयुक्त चिकित्सालय के सभागार में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रोजेक्ट उम्मीद वेलफेयर फाउंडेशन के सहयोग से जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.अनुपम भास्कर की उपस्थिति में 22 टीबी रोगियों को पोषाहार सामग्री का वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया। इसी क्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी व जिला कार्यक्रम समन्वयक ने पोषाहार वितरित करते हुए उम्मीद फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर ने बताया टीबी से ग्रसित जो मरीज दवाइयों पर चल रहे हैं। माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा गोद लेने का आह्वान किया था उसी उपलक्ष्य में प्रोजेक्ट उम्मीद संस्था ने टीबी से ग्रसित 60 बच्चों को गोद लिया गया है। इनमें से 22 बच्चों को उम्मीद वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा पोषाहार सामग्री वितरित कराई गई। उन्होंने कहा मैं उम्मीद करता हूं भविष्य में भी इस तरह से टीबी से ग्रसित मरीजों का सहयोग मिलता रहेगा।
डीटीओ ने कहा टीबी का इलाज 1960 से पहले नहीं था। उन्होंने बताया कि छह माह तक टीबी के रोगियों को इलाज कराना जरूरी है। इसके लिए क्षय रोग विभाग की लगातार क्षय रोगियों को ठीक करने के का जो कार्य कर रहा है। इसको लेकर सरकार के निर्देशानुसार टीबी को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जो सपना है, 2025 तक टीबी को मुक्त भारत से करने के लिए जल्द से जल्द किए गए संकल्प को पूरा कर सकेगें।
जिला कार्यक्रम समन्वयक सतेंद्र कुमार ने बताया कि टीबी के मरीजों को नि:शुल्क उपचार होने के साथ-साथ इन्हें पोषण के लिए 500 रुपये का पोषण भत्ता हर माह इनके खाते में भेजा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग व उम्मीद प्रोजेक्ट फाउंडेशन की ओर से टीबी से ग्रसित 22 रोगियों को पोषण सामग्री प्रदान की गई। उन्होंने कहा गर्मी के कारण जो रोगी शामिल नहीं हुए उनको फाउंडेशन की टीम द्वारा घर-घर जाकर सामग्री वितरित कराएगी।
प्रोजेक्ट उम्मीद वेलफेयर फाउंडेशन के चेयरमैन राज भारती ने बताया कि माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला क्षय रोग अधिकारी ने बच्चों को गोद लेने का आह्वान किया था। इसके तथ्य पर 60 बच्चों को फाउंडेशन द्वारा गोद लिया गया। चेयरमैन नदीम अंजुम ने कहा कि सरकार के साथ मिलकर 2025 तक भारत से टीबी को मुक्त कराने के लिए मदद करें। उन्होंने बताया कि जिले स्तर पर अगर हमें किसी भी व्यक्ति पर शक होता है तो वह क्षय रोग विभाग को सूचित करते हैं, और वह तुरंत उन मरीजों को जिला चिकित्सालय व डीडीयू अस्पताल में निःशुल्क उपचार कराया जाता है।
कार्यक्रम में जिला समन्वयक डेविड कुमार शाही, पीपीएम पीयूष अग्रवाल व नईम अहमद और उम्मीद फाउंडेशन के प्रेसीडेंट आदिल जवाहर, काशिफ सेक्रेटरी, हम्माद, समीर, एहतिशाम आदि लोग उपस्थित रहे।

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