कोविड वार्ड में ड्यूटी, फिर भी कोरोना से सुरक्षित

कासगंज :

चिकित्सा अधीक्षक ने हार नहीं मानी और हिम्मत और जज्बे से ड्यूटी की।

अब वैक्सीनेशन कराने के साथ ही लोगों को कोविड-19 के प्रति जागरूक कर रहे।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आवास निवासी चिकित्सा अधीक्षक डा. आकाश सिंह कोविड आईसोलेशन वार्ड जिला अस्पताल मामो कासगंज में तैनात थे। उन्होंने जिला अस्पताल में पांच बार 14-14 दिन की ड्यूटी की थी। प्रत्येक ड्यूटी के बाद 31 वर्ष के डा.आकाश सिंह को 2 दिन के लिए होम क्वारंटाइन भी होना पड़ता था, पर उन्होंने हार नहींं मानी और अपनी हिम्मत और जज्बे से ड्यूटी की। उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान एक भी छुट्टी नहीं की। वर्तमान में डा.आकाश सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कासगंज के साथ कोविड सैंपलिंग व कोरोना टीकाकरण के साथ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आयुष्मान जन आरोग्य योजना का लाभ आम जनता तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

डा.आकाश सिंह बताते हैं कि घर-घर सर्वे के दौरान ही उनको सर्दी, ज़ुकाम आदि की शिकायत हुई। उन्होंने कोरोना की जांच कराई, जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आई। उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से पूरे परिवार की जांच भी कराई। स्वास्थ्य विभाग की टीम के लिए मामो अस्पताल में पूरी सुविधाएं थीं। यहां पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा आइसोलेशन वार्ड में उनकी ड्यूटी के साथ डा.दिनेश शर्मा, डा.उद्देश्य प्रकाश, डा.धर्मेंद्र पोनिआ, डा.विनोद, डा.यश, डा.प्रशांत आदि ने भी ड्यूटी की। 14 दिन आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी  के बाद उनकी कोविड जांच कराई जाती थी और हर बार उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। डा. आकाश सिंह ने कोविड गाइडलाइंस के सभी नियमों को निभाया। 

उन्होंने बताया कि उनके आवास पर एक अलग रूम टॉयलेट वाशरूम और सारी सुविधा थी। होम क्वारंटाइन के दौरान इनका ही इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्हें उनके परिवार और साथियों का सहयोग मिला। उनके रिश्तेदार, घर वाले लगातार फोन कॉल के ज़रिये उनकी खैरियत लेते रहे और वे आइसोलेशन वार्ड ड्यूटी और होम क्वारंटाइन  के दौरान किसी से नहीं मिलते थे।

उन्होंने बताया कि पड़ोसियों की ओर से उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को इस दौरान भेदभाव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन अपनी हिम्मत के बल पर डा. आकाश सिंह व उनके परिवार ने भेदभाव का सामना किया। अपनी ड्यूटी करते रहे और मरीजों की सेवा करने का जिम्मा उन्होंने फिर से उठा लिया है। वह लगातार सीएचसी अशोकनगर पर कोरोना टीकाकरण में ड्यूटी कर रहे हैं और अधिक से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन लगवाने हेतु प्रेरित कर रहे है। टीकाकरण के बाद किसी को कोई समस्या हो तो उसके तुरंत उपचार के लिए इमरजेंसी मेडिकल टीम तैयार रहती है। अभी तक किसी को कोई खास समस्या नहीं आयी है। अभी किसी को सर्दी बुखार है तो सलाह देते है अपना चेकअप कराये और डरें नहीं। इस दौरान सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखते हैं। ड्यूटी से घर लौट कर वह सबसे पहले हाथ धोते हैं और नहा-धोकर कपड़े मास्क सब धोकर परिवार से मिलते हैं। वर्तमान में कोरोना वायरस का संक्रमण फिर बढ़ रहा है। वह लोगों को कोरोना के बचाव के संदेश दे रहे हैं कि मास्क का उपयोग करें। कम से कम बाहर जाएं। सेनिटाइजर का उपयोग करें। हाथों को समय-समय पर साबुन पानी से धोएं। शारीरिक दूरी बनाये रखें और साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। कोई भी व्यक्ति जो बाहरी राज्यों से आ रहे है। उनकी सूचना आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी या अस्पताल को दें। स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम तत्काल उनकी स्क्रीनिंग और सैंपलिंग और आगे की प्रक्रिया के लिए पूरी तरह तैयार है।

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कोरोना काल में ड्यूटी के दौरान एक बार घर नहीं गए

-संयुक्त जिलाअस्पताल के आवास निवासी डा.पोनिया चिकित्सा आईसोलेशन वार्ड जिला अस्पताल मामो कासगंज में तैनात थे। उन्होंने जिला अस्पताल में बारह बार 14-14 दिन की ड्यूटी की थी। प्रत्येक ड्यूटी के बाद 32 वर्ष के डा.पोनिया को 2 दिन के लिए होम क्वारंटाइन भी होना पड़ता था। उन्होंने हार नहींं मानी और अपनी हिम्मत और जज्बे से ड्यूटी की और अभी भी कोरोना टीकाकरण में ड्यूटी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने कोरोना के दोनों डोज लगवाई ह। सभी से आग्रह है कि ज्यादा लोग टीकाकरण कराएं। उन्होंने कहा कि वह कोविड गाइड लाइन का पालन करते हैं, कोरोना काल में वह एक बार भी अपने घर नहीं गए और ड्यूटी के दौरान पपरिवार वालों ने उनका उत्साह बढ़ाया।

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